Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पेट में उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ हो गया है बचà¥â€à¤šà¤¾, नौवें महीने में इस तरह सोकर बचà¥â€à¤šà¥‡ का सिर आ सकता है नीचे
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठबचà¥â€à¤šà¥‡ का सिर नीचे योनि की ओर आना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है लेकिन कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बचà¥â€à¤šà¥‡ के पैर नीचे और सिर ऊपर रहता है।
best sleeping position to help turn breech baby in hindi
पेट में उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ हो गया है बचà¥â€à¤šà¤¾, नौवें महीने में इस तरह सोकर बचà¥â€à¤šà¥‡ का सिर आ सकता है नीचे
नौवें महीने में डिलीवरी से कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ पहले शिशॠका सिर नीचे की ओर घूम जाता है, इसे वरà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥â€à¤¸ पोजीशन कहते हैं। नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठबचà¥â€à¤šà¥‡ का इस पोजीशन में आना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। इससे मां और बचà¥â€à¤šà¥‡, दोनों को ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान कम परेशानी होती है लेकिन अगर डिलीवरी डेट तक बचà¥â€à¤šà¥‡ का सिर नीचे योनि की ओर नहीं आता है तो यह मां और डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° दोनों के लिठचिंता का कारण बन जाता है।
कà¥à¤› मामलों में डिलीवरी के समय तक बचà¥â€à¤šà¥‡ का सिर ऊपर और पैर नीचे योनि की ओर रहते हैं। इसमें पेट में बचà¥â€à¤šà¤¾ उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ होता है जिसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में बà¥à¤°à¥€à¤š पोजीशन à¤à¥€ कहा जाता है। यदि डिलीवरी से कà¥à¤› समय पहले आपको बचà¥â€à¤šà¥‡ के उलà¥â€à¤Ÿà¥‡ होने का पता चला है तो आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° या दाई की मदद से बचà¥â€à¤šà¥‡ को सही पोजीशन में ला सकते हैं।
​पेट में बचà¥â€à¤šà¤¾ उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ हो तो कà¥â€à¤¯à¤¾ करें
पेट में बचà¥â€à¤šà¤¾ उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ हो जाठतो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° और दाई के अलावा मां खà¥à¤¦ à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‡ को सही पोजीशन में लाने की कोशिश कर सकती है। सोने की à¤à¤• पोजीशन à¤à¤¸à¥€ है जो इस काम में आपकी मदद कर सकती है।
'द परफेकà¥â€à¤Ÿ पà¥à¤¶' की ओनर और बोरà¥à¤¡ सरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ फैमिली नरà¥à¤¸ पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¶à¤¨à¤° रू खोसा का कहना है कि सही पोजीशन और पोसà¥â€à¤šà¤° से पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ को खà¥à¤²à¤¨à¥‡ में मदद मिलती है। कई à¤à¤¸à¥€ पोजीशन होती हैं जिनमें बचà¥â€à¤šà¥‡ को पेट के अंदर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जगह मिल पाती है। आपको à¤à¥€ इन पोजीशन पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना है।
खोसा कहती हैं कि दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ और à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के नीचे तकिया लगाकर करवट लेकर सोना चाहिà¤à¥¤ शिशॠको पेट में जितनी जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जगह मिलेगी, उसके लिठवरà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥â€à¤¸ पोजीशन में आना उतना ही आसान होगा।
​इस पोजीशन में न सोà¤à¤‚
à¤à¤¸à¤¾ जरूरी नहीं है कि आपको बाईं करवट सोकर ही पूरी रात निकालनी है। आप चाहें तो अपनी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दाईं करवट à¤à¥€ सो सकती हैं। डिलीवरी के बाद शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² में आपको कई रातें जागना पड़ेगा, इसलिठअà¤à¥€ अपनी नींद पूरी करने की कोशिश करें।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के आखिरी महीनों में पीठके बल सोने से बचना चाहिà¤à¥¤ इससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और शिशॠतक ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषक ततà¥â€à¤µ पहà¥à¤‚चाने वाली रकà¥â€à¤¤ वाहिका दब सकती है।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में बेसà¥â€à¤Ÿ सà¥â€à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन
नौवें महीने में दिन-ब-दिन पेट बढ़ता रहता है और इस समय आपको करवट लेकर सोना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के आखिरी महीनों में बाईं करवट सोना सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद रहता है। इसमें इंफीरियर वेना कावा नामक नस से रकà¥â€à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ता है जो कि हà¥à¤°à¤¦à¤¯ से खून लेकर शिशॠतक पहà¥à¤‚चाती है।
बाईं करवट सोने से इस नस पर कम दबाव पड़ता है जिससे शिशॠतक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ खून पहà¥à¤‚च पाता है।
​ये टिप आà¤à¤—ा काम
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में आप पीठया पेट के बल लेट सकती हैं लेकिन जैसे-जैसे पेटका साइज बढ़ता है, बचà¥â€à¤šà¥‡ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर जगह कम पड़ने लगती है। आखिरी कà¥à¤› महीनों में बाईं करवट सोकर आप बचà¥â€à¤šà¥‡ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ जगह दे सकती हैं। इससे डिलीवरी तक बचà¥â€à¤šà¥‡ को वरà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥â€à¤¸ पोजीशन में आने में बहà¥à¤¤ मदद मिलती है।
| --------------------------- | --------------------------- |